झाबुआ। जिला चिकित्सालय में एक महिला द्वारा एक साथ तीन बेटियों को दिया जन्म, मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। खास बात यह रही कि तीनों बच्चियों का जन्म सामान्य प्रसव के माध्यम से हुआ, जिसे चिकित्सकों ने बड़ी उपलब्धि बताया है।
जानकारी के अनुसार कुशलपुरा निवासी रीना, पति सुकराम ने जिला अस्पताल में तीन बेटियों को जन्म दिया। चिकित्सकों को पहले से ही गर्भ में तीन बच्चों की जानकारी थी, जिसके चलते गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप किया जा रहा था। संभावित जटिलताओं को देखते हुए कुछ दिन पहले भी महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन प्रसव नहीं होने पर उसे घर भेज दिया गया था। बाद में प्रसव पीड़ा होने पर महिला पुनः अस्पताल पहुंची, जहां सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराया गया।

जन्मी तीनों नवजात बच्चियों का वजन क्रमशः 1.2 किलोग्राम, 1.3 किलोग्राम और 1.8 किलोग्राम है। कम वजन होने के कारण पहली और दूसरी बच्ची को विशेष निगरानी एवं उपचार के लिए एसएनसीयू/एनआईसीयू में रखा गया है, जबकि 1.8 किलोग्राम वजन वाली तीसरी बच्ची अपनी मां के साथ स्वस्थ है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतिष्ठा चौहान ने बताया कि गर्भावस्था आठवें महीने में थी और तीन बच्चों के कारण यह उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था मानी जा रही थी। इसके बावजूद चिकित्सकीय निगरानी और समय पर उपचार से प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वर्तमान में मां और तीनों नवजातों की स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक है।
इस सफल प्रसव में डॉ. प्रतिष्ठा चौहान के साथ नर्सिंग ऑफिसर मंजू निनामा, हिमानी खतरकर तथा लेबर रूम स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अस्पताल प्रशासन और सहयोगी कर्मचारियों ने भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार ट्रिपलेट्स यानी एक साथ तीन बच्चों का जन्म एक दुर्लभ घटना है। प्राकृतिक रूप से लगभग 8 हजार गर्भधारण में एक बार ऐसी संभावना बनती है। ट्रिपलेट गर्भावस्था को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था माना जाता है, जिसमें समयपूर्व प्रसव और नवजात जटिलताओं की आशंका अधिक रहती है।

