आलीराजपुर। जिले के जोबट जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सिंधी के कोठार फलिया में लंबे समय से बंद पड़े हैंडपंप की समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की परेशानी को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद पीएचई विभाग हरकत में आया और दो अलग-अलग अवसरों पर तकनीकी टीम बोरवेल मशीन के साथ गांव पहुंची, लेकिन दोनों बार हैंडपंप को चालू करने में सफलता नहीं मिल सकी।
जानकारी के अनुसार, पहले प्रयास के दौरान विभागीय टीम 4 इंच की रॉड लगी मशीन लेकर पहुंची थी, जबकि पुराना बोरवेल भी 4 इंच का होने के कारण तकनीकी कार्य नहीं हो सका। इसके बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अगली बार आवश्यक उपकरणों और वैकल्पिक तकनीकी व्यवस्था के साथ समस्या का समाधान किया जाएगा। हालांकि दूसरे प्रयास में भी तकनीकी टीम को सफलता नहीं मिली। मौके पर मौजूद कर्मचारियों के अनुसार बोरवेल काफी पुराना एवं संकरा हो चुका है, जिसके कारण मशीन की रॉड भीतर नहीं जा सकी और कार्य अधूरा रह गया।

लगातार दो बार विभागीय प्रयास विफल रहने से ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि विभाग को बोरवेल की वास्तविक स्थिति पहले से ज्ञात थी, तो आवश्यक संसाधनों और उपयुक्त उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचना चाहिए था। दो बार मशीन पहुंचने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जबकि ग्रामीण आज भी पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुराना बोरवेल तकनीकी रूप से अनुपयोगी हो चुका है, तो विभाग को नया बोरवेल स्वीकृत कर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए। उनका मानना है कि बार-बार असफल प्रयासों में समय और संसाधन खर्च करने के बजाय दीर्घकालिक समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
24 घंटे बाद भी नहीं मिला विभाग का जवाब
लगातार दो बार तकनीकी प्रयास असफल रहने के बाद विभाग की आगामी कार्ययोजना जानने के लिए पीएचई विभाग जोबट के अधिकारी संजय मुकाती से संपर्क किया गया। उन्होंने जानकारी लेकर जवाब देने की बात कही थी, लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। इससे ग्रामीणों की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।
अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग आगे क्या कदम उठाता है और आखिर कब तक सिंधी के कोठार फलिया के लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल पाती है।

