अजय भाबर, मनावर/धार। धार जिले के मनावर तहसील की होनहार आदिवासी बेटी रक्षा चौहान ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत के बल पर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2024 में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। रक्षा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अपने पहले ही प्रयास में कठिन माने जाने वाले गणित (Mathematics) विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पूरे प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में पहली (First) रैंक और ओवरऑल सामान्य श्रेणी में 52वीं रैंक हासिल कर अपने माता-पिता और पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
मनावर से इंदौर तक की शिक्षा, फिर बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से पाई बड़ी सफलता-
रक्षा चौहान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा (10वीं तक) मनावर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से और 12वीं की पढ़ाई लायंस हायर सेकेंडरी स्कूल, मनावर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने स्नातक (B.Sc.) होलकर साइंस कॉलेज, इंदौर से और स्नातकोत्तर (M.Sc.) देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के ‘स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स’ से पूरा किया। रक्षा का यह सफर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने किसी महंगी कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय खुद से पढ़ाई (Self Study) की और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग कर यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले उन्होंने राज्य पात्रता परीक्षा (SET 2024) भी प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण की थी।
माता-पिता के मार्गदर्शन और मेहनत से बदली तकदीर-
रक्षा का परिवार शिक्षा और जनसेवा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माताजी शिक्षिका हैं। माता-पिता के दिए संस्कारों के कारण ही रक्षा ने जुलाई 2026 में ही राजगढ़ जिले में वर्ग 2 की शिक्षिका के रूप में जॉइन किया था। शिक्षिका के रूप में सेवाएं देते हुए भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और अब असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित हुईं।
“सफर अभी रुका नहीं, आगे भी जारी रहेगी पढ़ाई”— रक्षा चौहान –
अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद रक्षा चौहान ने कहा कि यह उनकी मंजिल का पड़ाव भर है, उनका सफर अभी यहीं नहीं रुकेगा और वे आगे भी अपनी उच्च शिक्षा व अध्ययन को जारी रखेंगी। रक्षा की इस उपलब्धि से मनावर क्षेत्र, परिवारजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। सभी उन्हें शुभकामनाएं देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं।

