भोपाल। किसानों के लिए आत्मनिर्भर सिंचाई की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए मध्यप्रदेश शासन ने प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के अंतर्गत सोलर पंप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। इस योजना के तहत जिन किसानों ने वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में विद्युत वितरण कंपनी से अस्थाई कनेक्शन लिया है, वे अब पी.एम. कृषक मित्र सूर्य योजना अंतर्गत सोलर पंप प्राप्त करने के पात्र होंगे और आवेदन कर सकेंगे।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसान को सोलर पंप की लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही देना होगा। जबकि शेष राशि भारत सरकार और राज्य शासन की ओर से अनुदान (सब्सिडी) के रूप में दी जाएगी। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें सिंचाई कार्य में स्थायी सुविधा मिलेगी।

योजना में आवेदन करने के लिए किसान को आधार आधारित E-KYC कराना अनिवार्य होगा। आवेदन केवल उसी आधार कार्ड पर मान्य होगा, जो किसान के नाम से लिंक्ड होगा। इस योजना में किसानों को 1 एच.पी. से लेकर 7.5 एच.पी. क्षमता तक के सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। सोलर पंप की स्थापना अधिकृत कंपनियों के माध्यम से की जाएगी, जिससे गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। योजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर निर्भरता से मुक्त कर, सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इससे न केवल बिजली की खपत घटेगी बल्कि स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाया गया है। इच्छुक किसान पोर्टल cmsolarpump.mp.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। आवेदन के दौरान किसान को अपने आधार कार्ड, बैंक खाता और भूमि संबंधी विवरण प्रस्तुत करना होगा।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, म.प्र. शासन के नोडल अधिकारी सहायक यंत्री कमलेश गेहलोत ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। यह योजना किसानों को सिंचाई में आत्मनिर्भर बनाने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

