भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष में विभिन्न गतिविधियों के साथ कई जनहितैषी निर्णय लिए गए हैं। किसानों को आधुनिक और नई कृषि तकनीक का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण, सिंचाई, उद्यानिकी, पशुपालन और प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उमरिया जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल तथा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा भी उपस्थित रहे।
उमरिया में जल्द शुरू होगी बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उमरिया जिले के किसानों को उनकी उपज का समुचित मूल्य दिलाने के लिए नई कृषि तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में जल्द ही एक बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होगी। इससे कृषि उपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को पंचायत स्तर पर दुग्ध संकलन समितियों के पंजीयन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने किसानों से गोपालन, दूध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी फसलों तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की अपील की।
हर खेत तक सिंचाई पहुंचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेहतर और उन्नत खेती के लिए सिंचाई सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। राज्य सरकार ने हर गांव और हर खेत को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक के साथ सिंचाई की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने किसानों से धान और श्रीअन्न फसलों के उपार्जन के लिए समय पर पंजीयन कराने की अपील की, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP का लाभ मिल सके।
किसानों को दिन में 10 घंटे मिलेगी बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सीजन से किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने किसानों से सरकार की विभिन्न कृषक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि किसान चौपाल आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
कस्टम हायरिंग सेंटर और सोलर पंप का लाभ लें किसान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कस्टम हायरिंग सेंटर, सोलर पंप सहित अन्य कृषक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरण और तकनीक किसानों की लागत कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ग्रामीण आबादी क्षेत्र में नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवा कार्यों के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान जारी है। राज्य सरकार द्वारा जिलों में जन विश्वास अभियान के माध्यम से भी पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र के अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाई जा रही है। किसानों सहित पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व योजना का लाभ दिया जा रहा है। संपत्ति की पक्की रजिस्ट्री मिलने से हितग्राही बैंक लोन और अन्य आवश्यकताओं के लिए इसका उपयोग कर सकेंगे।
विद्यार्थियों को भी मिल रही कई सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शिक्षित और समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण करना है। इसी दिशा में शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी प्रदान की जा रही हैं। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस और साइकिलें वितरित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में सांदीपनि विद्यालय भी प्रारंभ किए गए हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उमरिया की प्राकृतिक और खनिज संपदा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उमरिया जिले की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उमरिया कोयला भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे काला सोना भी कहा जाता है। जिले में स्थित बांधवगढ़ किला मध्यप्रदेश की शान है। उमरिया प्राकृतिक औषधियों और वन्यजीव संपदा से भी समृद्ध है। मुख्यमंत्री ने बलराम कृषि महोत्सव के दौरान उमरिया में उपस्थित मंत्री श्री नागर सिंह चौहान और पूर्व मंत्री सुश्री मीना सिंह से भी संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
स्रोत : समाचार एवं फोटो जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश शासन से साभार।

