पूर्व राज्यपाल सदाशिव कोकजे ने कहा कि हम सभी को अपने-अपने तरीके से ऐसे ही देवी अहिल्याबाई के कार्यों का प्रचार प्रसार करना चाहिए
इंदौर। महिला सशक्तिकरण का दूसरा नाम देवी अहिल्या बाई होल्कर लेखिका ममता चंद्रशेखर की पुस्तक युगंधरा देवी अहिल्या बाई होल्कर पुस्तक का विमोचन विषम परिस्थितियों में ही युगंधरा जन्म लेती है। महान आत्मा इस धरती पर जन्म लेकर भावी पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त करती है। ऐसे ही युगंधरा देवी अहिल्याबाई होल्कर को अपने उपन्यास के जरिए भावी पीढ़ी के समक्ष बड़ी ही खूबसूरती से लेखिका डॉक्टर ममता चंद्रशेखर ने रखा है। यह बात महापौर पुष्प मित्र भार्गव ने कहीं। मौका था नंनामा एजुकेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित पुस्तक विमोचन का। बुधवार को मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति की सभागार में लेखिका डॉक्टर ममता चंद्रशेखर की पुस्तक युगंधरा देवी अहिल्याबाई होल्कर का विमोचन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यपाल सदाशिव कोकजे, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, श्रीमंत उदय सिंह होलकर, पद्मश्री सत्येन सिंह लोहिया, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष चंद्रशेखर रायकवार, पूर्व कुलपति नरेंद्र धाकड़, डॉक्टर माला ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित हुए। इस मौके पर लेखिका स्नेहलता श्रीवास्तव ने पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत की।

इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का प्रयास – अपनी पुस्तक के विषय में बताते हुए लेखिका डॉक्टर ममता चंद्रशेखर ने कहा कि इस पुस्तक के जरिए मैने इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का एक प्रयास किया है। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय कृष्ण कुमार अष्ठाना ने मेरी काफी मदद की। मेरा यह प्रयास देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा किए गए पूर्ण कार्यों के समुद्र के सामने एक बूंद के समान है। मैने अहिल्याबाई के चरित्र को कागज की छाती पर करने का एक प्रयास भर किया है।
प्रचार के साथ करें आत्मसात- लेखिका ममता चंद्रशेखर की पुस्तक की सराहना करते हुए पूर्व राज्यपाल सदाशिव कोकजे ने कहा कि हम सभी को अपने-अपने तरीके से ऐसे ही देवी अहिल्याबाई के कार्यों का प्रचार प्रसार करना चाहिए और अपनी कृति में उसे आत्मसात करना चाहिए। इस मौके पर होलकर परिवार के श्रीमंत उदय सिंह होल्कर ने कहा कि महिलाओं के लिए देवी अहिल्या एक आदर्श है जिसका अनुसरण हर महिला को करना चाहिए।
अहिल्याबाई से सीखे संपूर्ण नारी कैसे बने – कार्यक्रम में डॉक्टर माला सिंह ठाकुर ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर की हम 300 भी जयंती मना रहे हैं। ऐसे में इस तरह की पुस्तक समाज को प्रेरणा देने के साथ नई पीढ़ी को देवी अहिल्याबाई को समझने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की बेहतर मिसाल अगर हमें देखना है तो वह देवी अहिल्याबाई होल्कर है। जो हमें बताती है कि स्त्री अच्छी बेटी, पत्नी, बहू, मां और महारानी कैसे बन सकती है साथ ही विषम परिस्थिति में अपना कर्तव्य पूरा कैसे कर सकती है। इस मौके पर लेखिका ममता चंद्रशेखर की 23 वर्ष 23 पुस्तक पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया कार्यक्रम का संचालन डॉ. कला जोशी ने किया।

