अलीराजपुर। मध्यप्रदेश की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को लेकर एक बेहद शर्मनाक और आक्रोशित करने वाला मामला सामने आया है। प्रदेश सरकार द्वारा अलीराजपुर-झाबुआ के बुजुर्ग श्रद्धालुओं को आंध्रप्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी सहित अन्य क्षेत्रों में मंदिर दर्शन के लिए भेजा गया था। लेकिन यात्रियों को पहचान पत्र के नाम पर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा जिसने न केवल उन्हें अपमानित किया बल्कि देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई।

यात्रा के दौरान यात्रियों को रोका गया और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों ने यह तक कह डाला कि… प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का फोटो यहां नहीं चलता, अगर तिरुमाला जाना है तो फोटो पहचान पत्र लाओ। यह बयान न सिर्फ अपमानजनक है बल्कि देश और प्रदेश के सर्वोच्च नेताओं का सीधा-सीधा अपमान माना जा रहा है। 30 अगस्त को भेजी गई इस यात्रा में कई बुजुर्ग श्रद्धालु पहचान पत्र के अभाव में फंस गए। प्रशासन की ओर से किसी तरह की मदद नहीं मिली। सांसद अनिता चौहान के हस्तक्षेप के बावजूद यात्रियों को परेशान किया गया और उन्हें बेइज्जती झेलनी पड़ी।
मामले को गंभीर मानते हुए प्रदेश सरकार में मंत्री नागर सिंह चौहान ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि यह घटना बेहद निंदनीय और असहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ यात्रियों का नहीं बल्कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का भी अपमान है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

