अलीराजपुर। ग्राम पंचायत बड़ी खट्टाली, तहसील जोबट की आदिवासी महिलाएं गर्मी की तपिश में भी सब्ज़ी बेचकर अपनी आजीविका चला रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इनसे प्रतिदिन ₹20 की ‘बाजार बैठकी फीस’ वसूली जा रही है। इसके बावजूद आज तक उन्हें न तो पंचायत की ओर से बैठने की समुचित व्यवस्था मिली है और न ही छाया, पीने का पानी या सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आदिवासी ग्रामीण महिलाएं बताती हैं कि वे पंचायत को नियमित रूप से टैक्स भी देती हैं, फिर भी खुले आसमान के नीचे, तपती धूप में सड़क किनारे बैठकर सब्जी बेचना उनकी मजबूरी बन चुका है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस स्थान पर वे सब्ज़ी विक्रय करती हैं, वहाँ मुख्य मार्ग से भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इस स्थिति पर मंडल अध्यक्ष मुलेश बघेल ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा, खेती-बाड़ी से सब्ज़ी उगाकर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही इन मेहनती महिलाओं को नज़रअंदाज़ करना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि सामाजिक अन्याय भी है। पंचायत को उन्हें शेड, पानी, सफाई, सुरक्षा और स्थायी बैठने की जगह तुरंत उपलब्ध कराए। साथ ही, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। जब पंचायत टैक्स ले रही है तो सुविधाएं देना भी उनकी जिम्मेदारी है। इस वसूली की जांच होनी चाहिए और महिलाओं को सम्मानपूर्वक रोज़गार का हक मिलना चाहिए।
स्थानीय लोग भी मांग कर रहे हैं कि पंचायत एवं संबंधित प्रशासन इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करें ताकि इन महिलाओं की मेहनत सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में जारी रह सके।

