विशाल चौहान, बड़ी खट्टाली। क्षेत्र की प्राचीन आस्था का केंद्र श्री चारभुजानाथ मंदिर एक बार फिर भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगने जा रहा है। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर 13 से 15 जून तक यहां भगवान श्री चारभुजानाथजी का चतुर्थ भव्य दुग्धाभिषेक एवं तुलसी अर्चन महोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।

आस्था का केंद्र, जहां भक्तों की मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण –
श्री चारभुजानाथ मंदिर वर्षों से लाखों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा का केंद्र रहा है। स्थानीय मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं भगवान श्री चारभुजानाथ की कृपा से पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि मध्यप्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सहित दूर-दराज़ क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
देवझूलनी डोल ग्यारस और शताब्दी महोत्सव की रही भव्य परंपरा –
मंदिर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला देवझूलनी डोल ग्यारस महोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दौरान विशेष आरतियां, धार्मिक अनुष्ठान और भव्य आयोजन हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। हाल ही में संपन्न शताब्दी महोत्सव ने भी ऐतिहासिक स्वरूप लिया था, जिसमें देश-विदेश से भक्तों ने पहुंचकर अपनी आस्था व्यक्त की थी।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा महादुग्धाभिषेक –
श्री चारभुजा अधिकमास महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री चारभुजानाथजी का गौमाता के पवित्र दूध से महादुग्धाभिषेक एवं तुलसी अर्चन कराया जाएगा। प्रतिदिन पूजन, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलेगा।

15 जून को राजभोग आरती के बाद भव्य महाप्रसादी –
महोत्सव के अंतिम दिन 15 जून (अमावस्या) को भगवान की पोषाक एवं ध्वजा के साथ चल समारोह, ध्वजारोहण और छप्पन भोग का आयोजन होगा। राजभोग आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भव्य महाप्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है।

