आलीराजपुर। आदिवासी अंचल के शासकीय स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा एवं टीम मिशन D3 ने आवाज उठाई है। टीम द्वारा गांव-गांव पहुंचकर स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों की जमीनी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। इस दौरान जर्जर भवन, टपकती छत, पेयजल, शौचालय तथा मध्यान्ह भोजन से जुड़ी समस्याओं के फोटो-वीडियो भी एकत्र किए जा रहे हैं।

टीम की ओर से की गई सार्वजनिक अपील के बाद ग्रामीणों ने कई स्थानों की समस्याओं से संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए हैं। टीम द्वारा इन सभी मामलों की सूची तैयार की जा रही है। सूची संबंधित विभागों एवं जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपकर समस्याओं के निराकरण और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।

कई आंगनवाड़ी केंद्रों की हालत खराब –
नितेश अलावा के अनुसार ग्राम थाना सेमली के पटेल फलिया में आंगनवाड़ी भवन नहीं होने के कारण बच्चों को छोटे कच्चे झोपड़ेनुमा स्थान में बैठना पड़ रहा है। दीपा की चौकी में भवन मरम्मत की आवश्यकता है, जबकि एक स्थान पर नवीन भवन की जरूरत बताई गई है। किला जोबट में आंगनवाड़ी भवन जर्जर स्थिति में है। वहीं चमार बेगड़ा और पांच इमली में लंबे समय से भवन की मांग लंबित होने की बात सामने आई है। टिखोला, सिलोटा, पुवासा, काठीवाड़ा और भाबरा ब्लॉक सहित अन्य क्षेत्रों में भी कई भवनों की स्थिति खराब बताई गई है।

पेयजल और शौचालय व्यवस्था पर सवाल –
टीम ने स्कूलों में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। टीम के अनुसार कई स्कूलों में लगाए गए वाटर टैंक एवं पेयजल शेड नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं। कई स्थानों पर बच्चों के लिए उपयोग योग्य शौचालय उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई है। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी ग्रामीणों एवं टीम द्वारा चिंता जताई गई है। टीम का कहना है कि बच्चों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

प्रशासन से निरीक्षण और कार्रवाई की मांग –
नितेश अलावा ने कहा कि “एक अनपढ़ मां भी जानती है कि उसके बच्चे का स्कूल सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त होना चाहिए। फिर जिम्मेदार अधिकारी सब जानते हुए भी मौन क्यों हैं?” उन्होंने प्रशासन से स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का भौतिक निरीक्षण कराने, जर्जर भवनों की मरम्मत अथवा नवीन भवन निर्माण, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को भी सुरक्षित भवन, स्वच्छ पानी, शौचालय, पौष्टिक भोजन और बेहतर शिक्षा का समान अधिकार मिलना चाहिए।
कार्यकर्ता जुटा रहे जानकारी –
अभियान के दौरान छात्र संघ नीयू के जिलाध्यक्ष सुमसिंह रावत, जिला मीडिया प्रभारी रितु लोहार, ब्लॉक अध्यक्ष संजय भूरिया, नीलेश डावर, मालसिंह तोमर, संपत धाकड़, दिलीप बामनिया, मनोज डामोर, सरदार परमार सहित कई कार्यकर्ता क्षेत्र में सक्रिय होकर स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों की समस्याओं की जानकारी जुटा रहे हैं।

