भोपाल। प्रदेश में पार्टी परमिट की आड़ में हो रहे अनियमित यात्री परिवहन पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पार्टी परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन करते ही तत्काल परमिट जारी नहीं होगा, बल्कि आवेदन के कम से कम दो घंटे बाद ही परमिट जारी किया जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान व्यवस्था का कई वाहन संचालक दुरुपयोग कर रहे हैं। चेकिंग या कार्रवाई की सूचना मिलते ही चालक परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर तत्काल आवेदन कर पार्टी परमिट प्राप्त कर लेते हैं और दस्तावेज दिखाकर कार्रवाई से बच जाते हैं। इस खामी को दूर करने के लिए विभाग ने पोर्टल में तकनीकी संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्या होता है पार्टी परमिट?
परिवहन नियमों के तहत पार्टी परमिट किसी विशेष समूह, संस्था, धार्मिक यात्रा, विवाह समारोह, शैक्षणिक भ्रमण या पूर्व निर्धारित बुकिंग के लिए जारी किया जाता है। इसका उपयोग केवल निर्धारित यात्रा के लिए किया जा सकता है। इस परमिट के आधार पर नियमित यात्री परिवहन या रास्ते में सवारियां बैठाकर व्यावसायिक संचालन की अनुमति नहीं होती।
इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों में कुछ वाहन संचालक पार्टी परमिट का उपयोग नियमित बस सेवा की तरह कर रहे हैं, जिससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है। विभाग का मानना है कि दो घंटे की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि लागू होने से तत्काल परमिट बनवाकर कार्रवाई से बचने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
आयुक्त ने दिए निर्देश – परिवहन आयुक्त ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं और जल्द ही नई व्यवस्था लागू होने की संभावना है।
परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने कहा,
“कुछ यात्री परिवहन चालक कार्रवाई से बचने के लिए परिवहन विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पार्टी परमिट जारी करा लेते हैं। इस संबंध में एनआईसी के साथ बातचीत कर जल्द पोर्टल पर बदलाव कराया जाएगा।”
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पार्टी परमिट प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और इसके दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।

