नानपुर, अलीराजपुर। ग्राम बेगड़ी पटेल फलिया निवासी 35 वर्षीय जेराम पिता गिलदार बघेल की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद उसकी तबियत और बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
परिजन जेराम को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद नानपुर अस्पताल लाए थे। लेकिन वहां कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। मजबूरी में वे उसे नानपुर के ही झोलाछाप डॉक्टर बिट्टू के पास ले गए। परिजनों के अनुसार, वहां उसे एक इंजेक्शन लगाया गया। जिसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई सुखराम ने बताया कि इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद जेराम की हालत गंभीर हो गई और फिर उसकी मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को नानपुर थाने पर लाकर प्रदर्शन किया और झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलते ही एसडीओपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। परिजन आरोपी डॉक्टर को भी थाने ले आए, जहां पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय लोगो का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण इलाकों में नियमित स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

