अलीराजपुर। पिछले 17 नवम्बर मिशन D3 यानी दहेज, दारू और डीजे नियंत्रण हेतु पोस्टर विमोचन पश्चात से ही इस जनजागरण अभियान ने गांव-गांव, क्षेत्रीय बैठक करते हुए जिला मुख्यालय पर पटेल, सरपंच, तड़वी, चौकीदार महापंचायत तक जा पंहुचा। उसके बाद जिलेभर से बैठकों में आये सुझाव अनुसार एक नियमावली सर्वसहमति से तय कर सार्वजनिक समाज को समर्पित की गयी थी। जिसे हर गांव के पटेल सरपंच, तड़वी, चौकीदार के माध्यम से पंहुचाकर उसे अमल करने की अपील की गयी थी।
इस मिशन D3 के माध्यम से हुई बैठकों ने क्षेत्र में क्रांति ला दी और नतीजा इस सीजन में शुरुवाती सांव, सगाई, शादियों आदि में इसका सकारात्मक प्रभाव देखा गया। अब आदिवासी समाज में सार्वजनिक सामूहिक कार्यक्रम में विदेशी शराब को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा चूका है। शादियों में कम बेस वाला एक या अधिकतम दो DJ जहां दुल्हनों का प्रावधान किया गया है।
देजा कम गुना झगड़ा भांजना सब सिमित कर दिया गया है और उस अनुसार पुरे जिले में कार्य भी किये जा रहे है। इसी क्रम में एक तरफ शादियां तो दूसरी और D3 बैठकों का दौर क्षेत्र गांव-गांव में तेजी से जारी है।
आज ग्राम पंचायत गड़ात में तो पिछले दिनों रविवार को सल्ली कनेरा, सुमनियावाट, शनिवार को आली, कामत, भीम बयडा, शुक्रवार को लक्ष्मणी, कोदली, गिराला, भवरी सहित कई जगह लगातार बैठके सम्पन्न हुई। जिसमे मिशन D3 के संस्थापक संयोजक नितेश अलावा, जयस के पूर्व जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान ने उपस्थित समाजजनो को समझाईश देकर समाज हित में बनाई गयी नियमावली को लागू करने की अपील करते नजर आये। जहां जहां बैठके हो रही है, वहां सैकड़ो की संख्या में लोग स्वतः ही आ रहे है और इनसे प्रताड़ित होकर अपना दुःख दर्द साझा कर रहे है और D3 में बनाये गए नियमो का पालन करने, करवाने की बात कर रहे है व संकल्प ले रहे है।
आज गड़ात बैठक में दिलीप पटेल, प्रदीप रावत सरपंच, पूर्व सरपंच गणपत सिंह कलेश, इडला चौकीदार, धुंधरिया रावत, सालम रावत, नेहरू रावत, मगन रावत, मगन भूरियाकुवा, कदम रावत, सीलु रावत, नवलसिंह रावत, जैराम रावत सहित कई गांव के जिम्मेदार लोग उपस्थित रहे जिनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

