आलीराजपुर। जिले के नर्मदा किनारे बसे आंजनबारा गांव की खूबसूरती देखते ही बनती है। चारों ओर पहाड़ हरियाली, खेत और नर्मदा का शांत पानी गांव को खास बनाते हैं। प्रकृति के बीच बसे इस गांव में आज भी आदिवासी जीवन की सादगी देखने को मिलती है।

नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध बनने के बाद यहां बैकवाटर का क्षेत्र बना है। पहाड़ी इलाके में नर्मदा के किनारे बसे आंजनबारा के सामने नदी के दूसरी ओर महाराष्ट्र की सीमा लगती है। गांव का यह प्राकृतिक नजारा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

मूलभूत सुविधाओं के लिए करना पड़ता है इंतजार – गांव की खूबसूरती के बावजूद यहां रहने वाले लोगों के लिए जीवन उतना आसान नहीं है। पहाड़ी और नदी किनारे का क्षेत्र होने के कारण आवागमन में परेशानी होती है। स्वास्थ्य शिक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी ग्रामीणों को आसानी से नहीं मिल पाती हैं। कई जरूरतों के लिए ग्रामीणों को दूर जाना पड़ता है। ऐसे में नर्मदा किनारे बसे इस खूबसूरत गांव को जहां अपनी प्राकृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, वहीं यहां रहने वाले लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलने का इंतजार भी है।

आंजनबारा के इन खूबसूरत दृश्यों को आदिवासी शुभचिंतक रोहित पड़ियार ने अपने कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। तस्वीरों में नर्मदा पहाड़ और हरियाली के साथ गांव का सरल और सामान्य आदिवासी जीवन साफ नजर आ रहा है।

