मध्यप्रदेश की डॉ मोहन सरकार ने शख्त कार्रवाई को लेकर भी निर्देश जारी किए है
अलीराजपुर। विशाल चौहान। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप के क्लीनिकों की बाढ़ सी आ गई है। वहीं उपचार के दौरान कई लोग इन झोलाछाप के इलाज से अपनी जान तक गंवा चुके हैं। प्रशासन द्वारा समय-समय पर झोलाछापों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही हैं। लेकिन जैसे ही मामला शांत होता है, फिर झोलाछाप सक्रिय हो जाते हैं।
बुधवार सुबह 11 बजे जिले के नानपुर स्वास्थ्य केंद्र का अमला झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के लिए निकला। इससे पूरे गांव में झोलाछाप अपने-अपने क्लीनिक बंद करके भागते नजर आए। खबर प्रकाशित होने के बाद आज नानपुर स्वास्थ्य केंद्र हरकत में आया। अमले में डॉ. बबीता नंदूरकर, कलम सिंह बघेल, अविनाश माइकल, परमेश्वर सोलंकी, बसंती रावत के साथ नानपुर पुलिस भी इन झोलाछाप पर कार्रवाई के लिए निकले। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अमले ने नानपुर के वीरेंद्र नाथ विश्वास और कार्तिक बिलवाल के क्लीनिक पर छापा मारा।
ये क्या सिर्फ दिखावे की कार्रवाई थी- अलीराजपुर जिले के नानपुर में आज वर्षों से चले आ रहे झोलाछाप डॉक्टर पर दिखावे की कार्रवाई कर गई जो चर्चा का विषय बनी हुई है। जिले में हर गली मोहल्ले में झोलाछाप डॉक्टर का जमावड़ा बना हुआ है। जिससे गरीब आदिवासियों के साथ झोलाछाप डॉक्टर स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते आ रहे थे। आखिर इतने सारे झोलाछाप में से सिर्फ दो पर कार्रवाई करना नानपुर स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदार डॉक्टर पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं। सवाल है कि क्या ऐसे ही कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी या नहीं। इस मामले पर जब जिम्मेदार डॉक्टर से बातचीत की तो फोन नहीं उठाया गया। वही लोगों का भी कहना है कि यह दिखाने की कार्यवाही है। सिर्फ दो जगह कार्रवाई कर विभाग वाहवाही लूटने का काम कर रहा है।
शख्त कार्रवाई को लेकर भी निर्देश जारी किए है-
मध्यप्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार ने सभी 55 जिलों के कलेक्टरों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह अपने क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान शुरू करें। ऐसे सभी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जिनके पास कोई डिग्री डिप्लोमा नहीं है लेकिन फिर भी वह स्वयं को डॉक्टर बताते हैं।

गौरतलब है कि, प्रदेश के अधिकतर ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं। ये फर्जी डॉक्टर अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं। इसके कई मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इन्हीं कारणों को मद्देनजर रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।


