इंदौर। ये शब्द थे राष्ट्रीय सायबर एक्सपर्ट प्रो. गौरव रावल के। अवसर था कस्तूरबा ग्राम रुरल इंस्टीट्यूट, खंडवा रोड इन्दौर में आयोजित सायबर अपराध जागरूकता सत्र का।
विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित प्रो. रावल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के इस डिजिटल वर्ल्ड में जागरूक होकर और सतर्क रहकर ही हम सायबर अपराध से बच सकते हैं। उन्होंने अपने जागरूकता सत्र में छात्राओं को साइबर संबंधित कानूनों, हेल्पलाइन एवं विभिन्न सहयोगी सरकारी वेबसाइट्स से भी छात्राओं को अवगत करवाया।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, गौरव रावल ने बताया कि आधुनिक साइबर अपराधी केवल तकनीकी हैकिंग तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे मानव व्यवहार, भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और विश्वास की कमजोरियों का भी शोषण करते हैं। उन्होंने सोशल इंजीनियरिंग के मनोवैज्ञानिक हथकंडों को सरल भाषा में समझाते हुए छात्रों को सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी बताया की यदि आप साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर जाकर शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा डायल-112 पर कॉल कर 24×7 सहायता ली जा सकती है
इस अवसर पर संस्था की प्राचार्य डॉ. इंदुबाला मालवीया, इंडो जर्मन टूल रूम के कम्प्यूटर एक्सपर्ट तिलोक रेवापाटी एवं समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम कासंचालन डॉ. कीर्ति यादव एवं आभार डॉ. गोविन्द नागोर ने किया।

