अलीराजपुर। शनिवार 30 अगस्त को एमपी रीजनल न्यूज़ में प्रकाशित समाचार “पीएमश्री स्कूल की हकीकत: खुले में बन रहा मिड-डे मील, बरामदे में बैठकर खाना खा रहे नौनिहाल” का असर कुछ ही घंटों में देखने को मिला। समाचार प्रकाशित होने के बाद उसी दिन दोपहर को ही प्रशासन हरकत में आया और अधिकारियों की टीम स्कूल पहुँच गई।
शनिवार को ही तहसीलदार सुनील राणा, बीईओ प्रताप डावर और बीआरसी प्रवीण प्रजापत ग्राम खट्टाली स्थित पीएमश्री स्कूल पहुँचे और मौके पर जाकर हालात का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए गए।
खुले में बनता था खाना, बरामदे में खाते थे बच्चे: लंबे समय से स्कूल में रसोई कक्ष न होने से मिड-डे मील खुले में तैयार होता था और बच्चे बरामदे में बैठकर खाना खाते थे। यह स्थिति विद्यार्थियों की सेहत पर खतरा बन चुकी थी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों को कक्षाओं के भीतर बैठाकर भोजन कराया। वहीं, रसोइयों को भी खुले स्थान से हटाकर एक कमरे में भोजन बनाने की व्यवस्था दी गई। जिन कक्षाओं में निर्माण सामग्री रखी थी, उन्हें खाली कराने के लिए सरपंच चेनसिंह डावर को निर्देश दिए गए।
जर्जर कक्ष व शौचालय पर ताला: निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर में बना एक कक्ष व शौचालय भी पूरी तरह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पाया गया। कक्ष में छत टपक रही थी व दीवारें टूटी हुई थीं और अंदर झाड़ियाँ फैली हुई थीं। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए अधिकारियों ने कक्ष व शौचालय को जीर्ण-शीर्ण घोषित कर बंद करवा दिया और उस पर ताला लगा दिया। समाचार प्रकाशित होने के कुछ ही घंटों में प्रशासन की सक्रियता से बच्चों को अब कक्षाओं में ही स्वच्छ वातावरण में मध्याह्न भोजन मिल रहा है। हालांकि शौचालय बंद होने से फिलहाल असुविधा बनी रहेगी।

