अलीराजपुर। जिस चीनी (चायना) मांझे को लेकर लंबे समय से विरोध चल रहा है, उसी खतरनाक डोर ने एक मासूम पक्षी की जान पर बन आई। अलीराजपुर जिला मुख्यालय में एक उल्लू पतंग की डोर में बुरी तरह फंस गया था। धारदार डोर से उसके पंख कट गए और वह घायल अवस्था में मिला।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पशु विभाग के अधिकारी शिव प्रताप चौहान, डॉ. बैरवा और डॉ. पूजा सोलंकी मौके पर पहुंचे और घायल उल्लू को राहत दी। डोर को सावधानीपूर्वक काटा गया, फिर मरहम पट्टी कर उसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया।

घटना स्थल पर सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा भी पहुंचे और पशु विभाग की तत्परता की सराहना की। इस मौके पर सरदार तोमर और निरपाल बघेल भी उपस्थित थे।
प्रशासन का प्रतिबंध, फिर भी जारी है उपयोग
गौरतलब है कि प्रशासन ने चायना डोर पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन फिर भी कई जगहों पर इसका उपयोग हो रहा है। इससे न सिर्फ इंसानों को चोट पहुंच रही है, बल्कि पक्षियों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि हमें पर्यावरण और जीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। चायना डोर का उपयोग न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी है।

