आलीराजपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बड़ी खट्टाली निवासी कलाकार भगवानदास प्रजापत ने मिट्टी से भगवान शिव की सुंदर कलाकृति तैयार कर श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। पूरी तरह प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित यह शिव आकृति कलात्मकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती नजर आई।
कलाकार द्वारा हाथों से तैयार की गई इस कलाकृति को महादेव मंदिर में शिवलिंग पर अस्थायी रूप से सजाकर विशेष श्रृंगार किया गया, जहां विधि-विधान से महाआरती संपन्न हुई। पारंपरिक रंगों और भावपूर्ण प्रस्तुति के कारण यह कलाकृति श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही।

भगवानदास प्रजापत का कहना है कि उनका उद्देश्य धार्मिक पर्वों पर केमिकल युक्त मूर्तियों के बजाय मिट्टी से बनी कलाकृतियों को बढ़ावा देना है, ताकि प्रकृति सुरक्षित रहे और हमारी परंपराएं जीवित बनी रहें।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे और कलाकार की इस अनूठी पहल की सराहना की। गौरतलब है कि भगवानदास प्रजापत विभिन्न धार्मिक अवसरों पर देवी-देवताओं की मिट्टी की मूर्तियां एवं कलाकृतियां तैयार करते हैं, जो उनकी कारीगरी और आस्था का जीवंत उदाहरण है।

