नीलेश डावर, जोबट। आपने कई बार सुना होगा कि फीस न होने के कारण स्कूल प्रशासन द्वारा बच्चों की पढ़ाई रोक दी जाती है। लेकिन एक ऐसा स्कूल जहा फीस भरने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई रुक गई। अलीराजपुर जिले के जोबट विकासखंड क्षेत्र के ग्राम रामपुरा में उड़ान स्कूल के नाम से एक निजी संस्था का संचालन हो रहा था। जो दिवाली के बाद से बंद पड़ा है। उस विद्यालय में अध्ययन करने वाले बच्चे बीच सत्र में ही शिक्षा से वंचित हो गए हैं। शनिवार को उस विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के कुछ पालको ने आदिवासी समाज के कार्यकर्ता निलेश डावर, राजू कनेश के साथ मिलकर खंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी जोबट को आवेदन दिया। विद्यालय में जोबट क्षेत्र के ग्रामीण इलाके से आदिवासी समाज के बच्चों का एडमिशन था। बीच सत्र में ही स्कूल बंद करने व प्रशासन द्वारा भी निरीक्षण ना कर आदिवासी समाज के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने पर सवाल उठे। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के पालको से उक्त विद्यालय के संचालकों द्वारा संपूर्ण फीस भी एडवांस में वसूल कर ली गई थी।

पालकों ने कई बार उड़ान स्कूल संचालक से बंद करने की बात को लेकर चर्चा भी की। लेकिन संचालक लोकेश राठौर द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नही मिल पाया। पालकों का आरोप है की न फीस वापस दी ओर न ही बच्चों के भविष्य की चिंता जताई।


