जयेश मालानी, आलीराजपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चारभुजा धाम, बड़ी खट्टाली में हिंदू समाज द्वारा भव्य हिंदू संगम सम्मेलन का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करना रहा।

इस अवसर पर विभिन्न ग्रामों के प्रमुख, मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्य वक्ताओं ने समाज जागरण से जुड़े प्रेरणादायी संबोधन दिए तथा सामाजिक, राष्ट्रीय एवं समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं एवं युवाओं द्वारा कई दिनों से युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही थीं। आयोजन के पूर्व प्रतिदिन ग्राम में प्रभातफेरी भी निकाली गई। कार्यक्रम के दिन भव्य जुलूस के कारण पूरे गांव के व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हरि सत्संग समिति एवं राम भक्त मंडल द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति और हनुमान चालीसा पाठ के साथ किया गया। धर्मसभा में मुख्य वक्ता धार विभाग के धर्म जागरण संयोजक ईश्वर ब्रजवासी ने धर्म और संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में हिंदुओं को संगठित रहने की आवश्यकता है।

वक्ता पुष्पलता शाह ने स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए बच्चों के जन्मदिन भारतीय संस्कृति के अनुसार मंदिरों में मनाने की अपील की। वहीं छोटी खट्टाली के राजू महाराज ने संस्कृति, संस्कार और गौ-पालन के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

इस अवसर पर भाजपा नेता इंदरसिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष मुलेश बघेल, सरपंच चेनसिंह डावर सहित 10 गांवों के पटेल एवं विभिन्न पंचायतों के सरपंच बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मंच पर माहेश्वरी समाज अध्यक्ष दिलीप परवाल, मदन लड्डा, रमेश मेहता, धर्मेंद्र परवाल, प्रहलाद लड्ढा, राठौर समाज अध्यक्ष रमेश राठौर, कैलाश राठौर, भावसिंह डूडवे, रामसिंह पटेल, मोहनलाल मालवी सहित विभिन्न समाजों के अध्यक्ष मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन गोवर्धन राठौर एवं घनश्याम राठौर ने किया।


