Alirajpur News : आदिवासी बाहुल्य जिला अलीराजपुर शिक्षा के क्षेत्र में देश के सर्वाधिक पिछड़े जिलों में शुमार है। यहां की शैक्षणिक बदहाली के पीछे सबसे बड़ा कारण जर्जर और भवनविहीन स्कूल व आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनमें से कई किराए के मकानों या झोपड़ियों में संचालित हो रहे हैं। आगामी मानसून और नए शिक्षा सत्र को ध्यान में रखते हुए जिलेभर की बदहाल स्कूल-आंगनवाड़ियों की मरम्मत की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा व उनके सहयोगियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों की करीब 100 से अधिक स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों की फोटो व वीडियो सहित सूची तैयार की, जिनकी हालत बेहद दयनीय है। इनमें कई स्थानों पर छतों से पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं, लोहे की सरियाएं बाहर निकल चुकी हैं और बच्चों के बैठने तक की सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। बारिश के दौरान यहां बच्चों की जान को खतरा बना रहता है।
विभाग नहीं दे रहा ध्यान – नितेश अलावा
सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा ने बताया कि पिछले 3-4 वर्षों से वे बारिश पूर्व विभाग को लगातार आवेदन देकर इन समस्याओं से अवगत करवा रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के बच्चे शिक्षा से वंचित होते जा रहे हैं।
न पीने का पानी, न शौचालय की व्यवस्था
कई स्कूलों में न पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे विभागीय लापरवाही साफ नजर आती है। नतीजतन ग्रामीण क्षेत्रों के पालक अपने बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
ज्ञापन सौंपकर की यह मांगें
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तपिश पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए बारिश पूर्व सभी जर्जर स्कूलों की मरम्मत कराने, स्वीकृत भवनों पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने और लापरवाह शिक्षा अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
आशा कार्यकर्ताओं की समस्याएं भी उठाईं
इस अवसर पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने विगत तीन माह से आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि न मिलने की भी शिकायत की और शीघ्र भुगतान की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल थे:
आदिवासी समाज जिला आयोजन समिति अध्यक्ष मालसिंह तोमर, तरुण मंडलोई, सुमसिंह रावत, धनसिंह कनेश (मजदूर संघ), मंजुला लोहार, माया बामनिया, सूरेश सेमलिया, प्रणव बघेल, अजमेर भींडे, सालम सोलंकी, विजय बामनिया, विक्रम चौहान सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

