हमला उस वक्त किया गया, जब बैसरन घाटी में बड़ी तादाद में पर्यटक मौजूद थे
अलीराजपुर। कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में एलआईसी की सैटेलाइट शाखा, अलीराजपुर में पदस्थ शाखा प्रबंधक सुशील कुमार नथानिया (54) की दुखद मृत्यु हो गई। सुशील कुमार छुट्टियों में पत्नी जैनिफर का जन्मदिन मनाने परिवार सहित कश्मीर गए थे। हमला होते ही उन्होंने साहस दिखाते हुए पत्नी और बेटी को बचाया, लेकिन खुद आतंकियों के सामने खड़े हो गए। आतंकियों ने धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी। उनकी बेटी आकांक्षा के पैर में गोली लगी है।
सुशील मूलतः जोबट के निवासी थे और इंदौर के अभिनंदन नगर में रहते थे। वे ढाई साल पहले अलीराजपुर में पदस्थ हुए थे। उनकी पत्नी जैनिफर इंदौर में शिक्षिका हैं और बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक में कार्यरत है। यह घटना एलआईसी कर्मचारियों और आम नागरिकों में गहरा आक्रोश भर गई है। बुधवार को एलआईसी एजेंट संगठन की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की जाएगी।

सुरक्षा और इंटेलीजेंस एजेंसियों ने पहलगाम अटैक के संदिग्ध आतंकियों के स्केच जारी किए हैं। इनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबु तल्हा बताए गए हैं। इंटेलिजेंस सूत्रों ने बताया कि इस हमले का मास्टर माइंड लश्कर-ए तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद है।

इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के विंग द रजिस्टेंस फ्रंट यानी TRF ने ली है। इस बीच, पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इस हमले में हमारा कोई हाथ नहीं है।

पहलगाम में मंगलवार दोपहर हुए आतंकवादी हमले में 27 लोगों की मौत हो गई। 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। हमला उस वक्त किया गया, जब बैसरन घाटी में बड़ी तादाद में पर्यटक मौजूद थे। मृतकों में MP, UP, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटक हैं। नेपाल और UAE के एक-एक टूरिस्ट और 2 स्थानीय भी मारे गए।

