इंदौर। जिले में रंग पंचमी के अवसर पर 19 मार्च को स्थानीय अवकाश रहेगा। यह अवकाश कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा घोषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा जारी वर्ष 2025 के लिए इंदौर जिले हेतु स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं।
दशहरे के दूसरे दिन व अहिल्या उत्सव पर भी रहेगा अवकाश
इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार जिले में रंग पंचमी के अवसर पर 19 मार्च बुधवार को और दशहरे के दूसरे दिन 03 अक्टूबर शुक्रवार को स्थानीय अवकाश रहेगा। साथ ही अहिल्या उत्सव के अवसर पर 22 अगस्त शुक्रवार को आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया है। उक्त सभी अवकाश बैंक और कोषालय में लागू नहीं होंगे।
इंदौर रंगपंचमी गेर के दिन गुलाल और फाग की मस्ती
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की होली रंग पंचमी से शुरू होती है। इंदौर की इस होली को गेर कहा जाता है जो पूरे देश में मशहूर है। आगामी 19 मार्च को रंग पंचमी पर होने वाली इस गेर की शुरुआत इंदौर में दशकों पहले हुई थी। ये गेर इतनी भव्यता के साथ निकाली जाती है कि इसमें पूरा शहर एक साथ रंग खेलता नजर आता है।
वही आपको बतादे की रंगपंचमी के दिन गुलाल और फाग की मस्ती में शामिल होने के लिए हजारों की संख्या में लोग शहर के राजवाड़ा पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल होते हैं। सुबह के 10-11 बजते ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों से फाग यात्राएं निकलना शुरु होती हैं। इन फाग यात्रा में लोग पानी के विशाल टेंकर, रंग उड़ाने वाली तोप प्रेशर वाले रंगीन फव्वारे और गुलाल आसमान में उड़ाने के तमाम साधनों के साथ चलते हैं। इस दौरान म्यूजिक और डीजे की धुन पर लोग एक दूसरे पर रंग गुलाल उड़ाते और नाचते गाते गुजरते हैं। इस दौरान राजबाड़ा सुबह से ही सतरंगी रंग में डूबा जाता है। यहां फाग यात्रा के दौरान उड़ाए जाने वाले रंग से आसमान पर कई रंग नजर आने लगते। इस दौरान यात्रा मार्ग में जो भी मिलता है, उसे लोग रंग लगाते हैं।
यूनेस्को की धरोहर सूची में शामिल करने के प्रयास जारी है
इंदौर की गेर में यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करने के प्रयास हो रहे हैं। बीते वर्षों में कोविड प्रोटोकॉल के चलते यह संभव नहीं था। हालांकि अब फिर इस रंगारंग आयोजन को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के लिए भारत सरकार के संस्कृति विभाग से पहल की गई है।

