मध्यप्रदेश। आदिवासी अंचल के लिए मंगलवार का दिन इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार धार जिले की सीमा में यात्री ट्रेन पहुंचेगी। छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत प्रताप नगर से टांडा रोड स्टेशन के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

इस ऐतिहासिक अवसर का सीधा प्रसारण टांडा स्टेशन पर होगा, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी इस पल के साक्षी बनेंगे। रेल सेवा की शुरुआत के साथ ही लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे आदिवासी अंचल को बड़ी सौगात मिलेगी। इससे गुजरात और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा और कारोबार, शिक्षा, रोजगार व पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत प्रताप नगर से आलीराजपुर के जोबट होते हुए डेकाकुंड से टांडा रोड तक नियमित मेमू ट्रेन का संचालन शुरू होगा। रेलवे ने करीब 435 करोड़ रुपए की लागत से डेकाकुंड से टांडा रोड के बीच 16 किमी नया रेल ट्रैक तैयार किया है। प्रताप नगर से ट्रेन सुबह 5 बजे रवाना होकर सुबह 9.35 बजे टांडा रोड पहुंचेगी। वापसी में टांडा से शाम 5 बजे ट्रेन चलेगी और रात करीब 9.30 बजे प्रताप नगर पहुंचेगी।

45 रुपए न्यूनतम रहेगा किराया, बस में 500 रुपए खर्च : मेमू ट्रेन चालू होने का सबसे बड़ा फायदा गरीब, मजदूर और मरीजों को मिलेगा, जिन्हें इलाज के लिए गुजरात जाने पर बड़ी राशि चुकाने पड़ते थे। बस में 500 रुपए खर्च होते हैं। वहीं ट्रेन में सफर करने पर टांडा स्टेशन से प्रताप नगर का किराया मात्र 45 रुपए लगेगा। बच्चों के लिए यह 25 रुपए होगा।

पहला पड़ाव पूरा, अब धार तक रेल पहुंचने का इंतजार : छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना करीब 147 किमी लंबी है और इसकी अनुमानित लागत 3900 करोड़ रुपए है। इसमें प्रताप नगर से टांडा रोड तक करीब 101 किमी रेल ट्रैक तैयार हो चुका है। अब टांडा से धार के बीच करीब 46 किमी का काम शेष है।

रेल परियोजना का तिरला में प्रस्तावित : इंदौर-दाहोद और छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना का जंक्शन धार के समीप तिरला में प्रस्तावित है। दोनों परियोजनाओं के जुडने से इंदौर सहित गुजरात और महाराष्ट्र के बीच सीधा रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे आम यात्रियों के साथ ही पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने टांडा से धार के बीच शेष रेल लाइन का काम जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि सिंहस्थ के दौरान भी इस रेल संपर्क का लाभ श्रद्धालुओं को मिल सके।

