नई दिल्ली। देश के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत होता जा रहा है। विदेशी निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के चलते वर्ष 2025 में रियल एस्टेट सेक्टर में निजी इक्विटी (PE) निवेश में 59% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ग्लोबल प्रॉपर्टी कंसल्टेंट सैविल्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में कुल 60,146 करोड़ रुपए का प्राइवेट इक्विटी निवेश आया। खास बात यह रही कि वैश्विक भू-राजनैतिक अस्थिरता के बावजूद कुल निवेश का 76% हिस्सा विदेशी निवेशकों से प्राप्त हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑफिस सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बना रहा, जहां कुल इनफ्लो का 35.3% यानी करीब 21,544 करोड़ रुपए निवेश किया गया। इसके बाद डेटा सेंटर (23.2%) और रेसिडेंशियल सेक्टर (21%) का स्थान रहा। डेटा सेंटर सेगमेंट में आया निवेश पूरी तरह विदेशी पूंजी से रहा, जबकि रेसिडेंशियल सेक्टर में घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों की भागीदारी देखने को मिली।
2026 में भी निवेश की रफ्तार तेज रहने की उम्मीद
सैविल्स का अनुमान है कि 2026 में रियल एस्टेट सेक्टर में पीई निवेश 6.5 से 7.5 बिलियन डॉलर (करीब 58,000 से 68,000 करोड़ रुपए) तक रह सकता है। इसमें ऑफिस, इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और प्रीमियम रेसिडेंशियल प्रमुख निवेश क्षेत्र होंगे।
रियल एस्टेट पीई निवेश में सेक्टरवार हिस्सेदारी
सेक्टर – हिस्सेदारी (%)
ऑफिस (कार्यालय) – 35.3%
डेटा सेंटर – 23.2%
रेसिडेंशियल (आवासीय) – 21%
इंडस्ट्रियल व लॉजिस्टिक्स – 9%
रिटेल – 6%
हॉस्पिटैलिटी (होटल/पर्यटन) – 5%
को-लिविंग व स्टूडेंट हाउसिंग – 0.5%

