थैलेसीमिया सिकिलसेल और रक्तदान के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया
दिल्ली, गुड़गांव, बेंगलुरु, भोपाल हैदराबाद, कोलकाता, इंदौर से भी डॉक्टर सम्मिलित हुए
अलीराजपुर । थैलेसीमिया जन जागरण समिति जबलपुर मध्य प्रदेश के द्वारा मानस भवन में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संचालित हुई। जिसमें पहले दिन थैलेसीमिया की बीमारी को किस तरह से रोका जाए और जो पीड़ित है। वह स्वयं और उनके परिजन उनकी किस प्रकार से देखभाल करें इस संबंध की महत्वपूर्ण जानकारी भारत देश के विभिन्न प्रदेश से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी। वही आज 25 अगस्त को विभिन्न राज्यों व जिलों से आई सामाजिक संस्थाओं को थैलेसीमिया सिकिलसेल और रक्तदान के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में टीम रक्तदूत अलीराजपुर को भी रक्तदान के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने पर सम्मानित किया। जिसका प्रतिनिधित्व टीम रक्तदूत अलीराजपुर के शुभम मेहता, गोविंदा माहेश्वरी, विजय मालवी व संदीप माहेश्वरी ने किया। यह आयोजन स्वगुरुशरण कौर और अनुश्री घोष की स्मृति में किया गया। ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पराज पटेल ने थैलेसीमिया और सिकलसेल बीमारी को गंभीरता से लेने और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने के विषय पर चर्चा की।

इन प्रयासों से रोका जा सकेगा थैलेसीमिया, सिकिलसेल बीमारियों को-
उक्त कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इस बीमारी को रोकने के लिए बताया कि इसके लिए सबसे पहला कदम नवयुवक व युवती के विवाह के पूर्व थैलेसीमिया की जांच को अनिवार्य करना होगा। और वही गर्भधारण करने वाली महिला की थैलेसीमिया की जांच भी जरूरी करने की नितांत आवश्यकता है। इन प्रयासों से दुनिया में थैलेसीमिया व सिकिलसेल से नए पीड़ित बच्चों को आने से रोका जा सकेगा।

उक्त आयोजन के दौरान ज्ञानेश्वरी दीदी, समाजसेवी नरेश ग्रोवर, समाजसेवी कैलाश गुप्ता, बेंगलुरु से डॉ. सुनील भट्ट, अपोलो अस्पताल दिल्ली से डॉ. गौरव खारिया, मेदांता गुड़गांव से डॉ. सत्यप्रकाश यादव, इंदौर से डॉ. सुनील लोकवानी, भोपाल से डॉ. श्वेता शर्मा, दिल्ली से डॉ.जे एस अरोड़ा मौजूद थे।

