अलीराजपुर। बड़ी खट्टाली निवासी भगवानदास प्रजापत ने अपनी कला से इस बार गणेश चतुर्थी को खास बना दिया है। भगवानदास को मिट्टी की कला का गहरा शौक है और इसी शौक को उन्होंने भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं में ढालकर जीवंत कर दिया है। प्रजापत ने इस वर्ष कई आकर्षक व सुंदर मिट्टी के गणेश जी तैयार किए हैं। उनकी बनाई गई प्रतिमाएं न केवल कलात्मक दृष्टि से अनोखी हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये पूरी तरह से मिट्टी से निर्मित हैं और इनमें किसी भी तरह के हानिकारक पदार्थ का उपयोग नहीं किया गया है।
भगवानदास का कहना है कि उनका उद्देश्य लोगों को पारंपरिक मिट्टी की मूर्तियों की ओर आकर्षित करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। बड़ी खट्टाली सहित आसपास के लोग उनकी इस कला की खूब सराहना कर रहे हैं और गणेश चतुर्थी के अवसर पर उनके द्वारा बनाई गई प्रतिमाओं की मांग भी बढ़ रही है।
गौरतलब है कि भगवानदास केवल गणेश चतुर्थी ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक अवसरों पर भी देवी-देवताओं की सुंदर मिट्टी की मूर्तियां बनाते हैं, जो उनकी कारीगरी और भक्ति का जीवंत उदाहरण है।

