इंदौर। नई दिल्ली के भव्य रोज़ेट हॉल में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री की स्मृति में आयोजित वैश्विक शिक्षक सम्मान समारोह में इंदौर के प्रोफेसर एवं अंतरराष्ट्रीय कवि राजीव शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि शिक्षक सदा समाज का नव निर्माता रहा है। शिक्षक ऐसा दीपस्तंभ है जो स्वयं जलता है पर दूसरों को रोशनी देता है। शिक्षक के अभाव में संस्कारित पीढ़ी की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

प्रो. शर्मा ने आगे कहा कि एक शिक्षक अपने विद्यार्थी के नज़रिये को बदलने की क्षमता रखता है और जो नज़रिये बदल सकता है, वह देश और दुनिया दोनों के नज़ारे बदल सकता है। उन्होंने इसे शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करने की सबसे बड़ी कृतज्ञता युक्त परंपरा बताया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री के सुपुत्र एवं शिक्षाविद अनिल शास्त्री ने अपने पिता के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंग सुनाए और अपनी लिखी पुस्तकें शिक्षकों को भेंट कीं। कार्यक्रम में देश-विदेश के कुल 101 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा विन्नी पाण्डेय ने प्रस्तुत की, संयोजन युवा उद्यमी ऋषभ शर्मा ने किया तथा पीयूष शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

