अजय भाबर। धार। 8 सितंबर का दिन धार जिले के इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से धार जिले के 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण किया और पहली यात्री मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही आजादी के आठ दशक बाद पहली बार धार जिले के नक्शे पर रेल सेवा की शुरुआत हो गई और जिले की धरती पर ट्रेन दौड़ती नजर आई।

18 साल 7 महीने बाद पूरा हुआ सपना
धार में रेल सुविधा का सपना कई दशकों पुराना है। 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने ‘धार-छोटा उदयपुर’ रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय वर्ष 2011 तक काम पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से परियोजना में लंबा समय लगा। आखिरकार 18 साल और 7 महीने के लंबे इंतजार के बाद धारवासियों का यह सपना सच हुआ।

टांडा रोड स्टेशन पर जश्न का माहौल
इस ऐतिहासिक अवसर पर टांडा रोड रेलवे स्टेशन पर दीपोत्सव और उत्सव जैसा माहौल देखा गया। कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने टांडा रोड स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और स्वयं टांडा रोड से रामकोट तक रेल में सफर कर इस पल की गवाह बनीं।

आदिवासी अंचल और मजदूरों के लिए वरदान बनेगी रेल
रेल सेवा शुरू होने से टांडा और आसपास के आदिवासी अंचल के लोगों को सबसे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजगार की तलाश में गुजरात और अन्य क्षेत्रों में प्रवास करने वाले हजारों मजदूरों के लिए यह यात्रा का बेहद सस्ता, सुरक्षित और सुलभ माध्यम साबित होगी। क्षेत्र के ऐसे कई बुजुर्ग और बच्चे, जिन्होंने आज तक कभी ट्रेन नहीं देखी थी, उनके लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा।

