विशाल चौहान, आलीराजपुर। जिले की आदिवासी समाज की प्रतिभाशाली बेटी इंदू बघेल ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 में सफलता हासिल करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर (रसायन विज्ञान) पद पर अपना स्थान सुरक्षित किया है।
इंदू बघेल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, पति और पूरे परिवार को देते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रोत्साहन और विश्वास ने उन्हें हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने की शक्ति दी।

शिक्षण सेवा में भी शानदार सफर – अपनी उच्च शिक्षा पूर्ण करने के बाद इंदू बघेल ने 2023 में वर्ग-3 शिक्षक परीक्षा में चयन प्राप्त किया और झाबुआ जिले के कालीदेवी में शिक्षिका के रूप में सेवाएँ देना प्रारंभ किया। इसके बाद 2024 में वर्ग-1 (हाई स्कूल शिक्षक) में भी उनका चयन हुआ, जिसके तहत वे रायसेन जिले में शिक्षिका के रूप में कार्यरत रहीं। शिक्षा क्षेत्र में लगातार उपलब्धियाँ हासिल करते हुए उन्होंने MPPSC की तैयारी भी जारी रखी।
पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और संघर्ष – इंदू ने बताया कि 2015 में उनकी शादी हुई और उनकी बच्ची भी है। पारिवारिक जिम्मेदारियों, नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन उन्होंने मेहनत और दृढ़ निश्चय के साथ तैयारी जारी रखी और अंततः सफलता प्राप्त की। इंदू बघेल की इस उपलब्धि से परिवार, समाज, शिक्षकों और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता क्षेत्र की अन्य युवतियों और बेटियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं।
इंदू बघेल के पिताजी मेहताब चौहान ने बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इंदू ने हमेशा मेहनत, लगन और धैर्य के साथ काम किया है। हमने उसे बस हिम्मत दी, बाकी सब उसकी अपनी प्रतिबद्धता और संघर्ष का परिणाम है। हमें उस पर गर्व है।

